अंतरराष्ट्रीय

एनआरडीसी ने उपयुक्त प्रौद्योगिकी मुहैया कराने के लिए आवश्यकताओं का आकलन और पहचान करने के कौशल हासिल किए हैं तथा प्रौद्योगिकी और सेवाओं के हस्तांतरण में सघनता से लगा रहा है। एनआरडीसी अफ्रीका में उपयुक्त प्लांट और मशीनरी की स्थापना और प्रशिक्षण तथा प्रदर्शन केंद्रों की स्थापना के काम में लगा रहा है जैसे सेंटर फॉर डिमांस्ट्रेशन एंड प्रोमोशन ऑफ प्रौद्योगिकियों (सीडीटी), कोटे डील वॉयर ताकि ऐसी रणनीति का विकास किया जाए जो निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए है :

  • स्थानीय संसाधनों का विकास और उनका प्रसंस्करण
  • माइक्रो उद्यमियों की आय के स्तर को ठीक करना।
  • युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के मौके तैयार करना।
  • कृषि उत्पादन में वृद्धि।

माइक्रो और लघु उद्योगों का भारतीय मॉडल विकासशील देशों में लागू किया जा सकता है। कॉरपोरेशन मिस्र में साइंस एंड टेक्नालॉजिकल आंत्रप्रेन्योरशिप पार्क की स्थापना के काम से भी जुड़ा था। इस समय कॉरपोरेशन घाना में टमाटर के उत्पादन के लिए एक पायलट रिसर्च प्रोजेक्ट की स्थापना करने के लिए क्रियाकलापों की शुरुआत कर रहा है।