उद्यमिता विकास कार्यक्रम

सामाजिक आर्थिक सशक्तिकरण अब विकास और गरीबी उन्मूलन की एकीकृत अवधारणा बन गई है और देश के संपूर्ण विकास के लिए सबसे बड़ी चिन्ता रही है। एनआरडीसी पिछले कुछ समय से देश के ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिए काम करता रहा है और देश के भिन्न राज्यों में इन क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए कई पहल की है। जो क्रियाकलाप हाथ में लिये गए हैं उनमें फसल तैयार होने के बाद की प्रौद्योगिकी, खाद्य व कृषि प्रसंस्करण, उद्यमिता विकास आदि क्षेत्रों में परियोजनाएं शामिल हैं।

इन कार्यक्रमों का मकसद देश के ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के दैनिक जीवन में आने वाली मुश्किलों को कम करना, एसएंडटी हस्तक्षेप के द्वारा रोजगार के नए मौके बनाने और कमाई के क्रियाकलाप को चलने में सहायता करना है।

यह कार्यक्रम बेरोजगार युवकों में कौशल का विकास करना, गैर सरकारी संस्थाओं और महिला स्व सेवा समूह (एसएचजी) तथा विकास के क्रियाकलाप में लगी अन्य विकासात्मक एजेंसियों  की क्षमता बढ़ाना चाहता है और यह सब एसएंडटी साधनों के द्वारा किया जाना है जिसका मकसद विज्ञान व प्रौद्योगिकी के फायदे ग्रामीण भारत तक पहुंचाना है और इसके लिए निम्नलिखित पर जोर दिया जाना है :

  • देश में लोगों के जीवन की स्थितियां बेहतर करना
  • स्थानीय संसाधनों के उपयोग और उपयुक्त प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से रोजगार की संभावनाएं बढ़ाना
  • परंपरागत कौशलों का उन्नयन
  • गांवों में साफ-सफाई और स्वास्थ्य की देखभाल बेहतर करना