मैग्नीशियम सिल्वर क्लोराइड सी वाटर एक्टिवेटेड बैटरी

सीईसीआरआई, कराईकुडी ने “मैग्नीशियम सिल्वर क्लोराइड सी वाटर एक्टिवेटेड बैटरी” का विकास किया है। यह बिजली की जरूरत के वक्त समुद्री जल से सक्रिय किया जाने वाला एक रिजर्व सेल सिस्टम है।

इस व्यवस्था की मुख्य खासियत इसकी लंबे समय तक उपयोगी रहना, उच्च शक्ति व ऊर्जा घनत्व, कम समय में सक्रिय होने की योग्यता ता व उच्च विश्वसनीयता है।

बैटरी सिस्टम एनोड के रूप में एमजी (मैग्नेशियम) एलॉय व कैथोड के रूप में एजीसीएल (सिल्वर क्लोराइड) का इस्तेमाल किया जाता है। सेल के हिस्सों को प्लास्टिक कंटेनर में रखा जाता है। पतले प्लास्टिक के तारों का इस्तेमाल सेपरेटर के रूप में होता है। यह बैटरी नमकीन पानी या समुद्री पानी से सक्रिय की जाती है।