प्राथमिक परियोजना

आगे के विकास कार्य – कॉरपोरेशन अपनी योजना इस योजना "विकास परियोजनाएं और प्राथमिका वाली परियोजनाओं का मूल्यवर्धन" के तहत आगे के विकास कार्यों का समर्थन करता है और चुनी हुई एनआरडीसी आवंटित प्रौद्योगिकी के लिए मूल्यवर्धन का काम करता है और इसके लिए अनुसंधान व विकास संस्थाओं / शिक्षा संस्थान / लाईसेंसी / आविष्कारक (कों) को वित्तीय सहायता देता है ताकि व्यावसायिक उत्पादन और उत्पाद का विपणन सफल हो।

अपस्केलिंग, पायलट प्लांट स्केल अध्ययन, उत्पाद की संपुष्टि, भिन्न नियामक प्राधिकरणों के तहत उत्पाद का पंजीकरण, कार्यक्षेत्र में कार्यकुशलता से संबंधित आंकड़े जुटाने के लिए परीक्षण करना, औद्योगिक अनुसंधान संस्थानों और विश्वविद्यालयों द्वारा किए गए औद्योगिक अनुसंधान से प्राप्त जानकारी के आधार पर टॉक्सीकोलॉजिकल आंकड़े एकत्र करना ताकि उन्हें व्यावसायिक निर्माण के स्तर पर लाया जा सके – तकरीबन सभी प्रौद्योगिकीयों के लिए एक महत्त्वपूर्ण इनपुट है।  

एनआरडीसी को अनुसंधान और विकास (आरएंडडी) संस्थाओं, शिक्षा संस्थाओं और स्वयं आविष्कारकों द्वारा कई प्रौद्योगिकी आवंटित की जा रही हैं ताकि उद्योग द्वारा इनका व्यापारीकरण कराया जा सके। इन प्रौद्योगिकीयों में से कई प्रयोगशाला स्तर / बेंच स्केल / आदिप्ररूप स्तर पर ही हैं और विकास के इस स्तर तथा औद्योगिक आवश्यकता के बीच के अंतर को बाटने के लिए इनमें भिन्न स्तर पर मूल्यवर्धन की आवश्यकता हो सकती है।