Programmes

On-line Intellectual Property & Knowledge Management (KM) Courseware for Certificate Program [IPKMCP]

The objective of the programme is to effectively disseminate the knowledge about IPR and share experience on Knowledge Management that to Intellectual property (IP) and technology management to the suitable interested professionals with a focus on the scientific, technical and managerial skills. The focus of this programme largely to help in bridging the knowledge gap on Intellectual Property issues in various stakeholders. This will also deliver and address various IP issues from an applied, pragmatic, and deeply experienced viewpoint. 

NRDC aims at doubling the number of practicing knowledge workers / professionals by way of conveying the importance of the IPRs in the modern economy and giving them sufficient information in a learning atmosphere that leads to the certification in these programs. The curriculum of the courseware will be design and develop, keeping the industry requirements at core, by IP practitioners in academia and R&D , attorneys and technology transfer managers and etc.. This program will have the following main objectives:

  • Development of Modules for disseminating knowledge online on IPR related issues, knowledge / technology management
  • Implementing the program leading to certification on Intellectual Property Rights
  • Implementing the program leading to certification on knowledge / technology management with emphasis on manufacturing industry

The development of course curriculum and preparation of the webnar is going on the programme will be lunched soon.

Programme to be Offered

  • IP & Knowledge Management Introductory ( 3 Month)
  • IP & Knowledge Management Advanced (6 Month)

Eligibility:
Any graduate having technical, engineering, law, management, The academia industry and governance endorsed course for students, working professionals, R&D professionals, researchers, entrepreneurs and etc.

ऑनलाइन बौद्धिक संपदा अधिकारपाठ सामग्री

इस कार्यक्रम का उद्देश्य बौद्धिक संपदा अधिकारके बारे में प्रभावी ढंग से जानकारी देना और बौद्धिक संपदा (बौद्धिक संपदा ) तथा प्रौद्योगिकी प्रबंध के ज्ञान प्रबंध से जुड़े अनुभव उपयुक्त इच्छुक पेशेवर से साझा करना है और यह सब करते हुए फोकस वैज्ञानिक, तकनीकी और प्रबंधकीय कौशल पर फोकस रखना है। इस प्रोग्राम का फोकस मुख्य रूप से बौद्धिक संपदा के मुद्दों पर भिन्न स्टेकधारकों में जानकारी की कमी पूरी करना है। इससे बौद्धिक संपदा  से संबंधित भिन्न मुद्दे एक आजमाए, व्यावहारिक, बेहद अनुभवी नद्वारा से निपट जाएंगे।

 

एनआरडीसी का मकसद काम करने वाले ज्ञान कार्यकर्ताओं / पेशेवरों की सख्या दूनी करना है और इसके लिए आधुनिक अर्थव्यवस्था में बौद्धिक संपदा अधिकारका महत्त्व बताना है और उन्हें सीखने वाले माहौल में पर्याप्त सूचना देना है जिससे इन कार्यक्रमों का प्रमाणन मिले। पाठ सामग्री का पाठ्यक्रम डिजाइन और विकसित करने में इस बात का ख्याल रखा जाएगा कि उद्योग की आवश्यकताएं क्या हैं। यह काम शिक्षा क्षेत्र और अनुसंधान व विकास में बौद्धिक संपदा  के काम करने वाले, अटॉर्नी और प्रौद्योगिकी अंतरण प्रबंधक आदि लोग करेंगे। इस कार्यक्रम के

निम्नलिखित उद्देश्य होंगे : 

  • बौद्धिक संपदा अधिकारसे जुड़े मुद्दों, ज्ञान / तकनालाजी प्रबंध पर ऑनलाइन ज्ञान देने के लिए मोड्यूल का विकास। 
  • बौद्धिक संपदा अधिकारों पर प्रमाणन के कार्यक्रम लागू करना।
  • निर्माण उद्योग पर बल के साथ ज्ञान / तकनालाजी प्रबंध पर प्रमाणन के लिए प्रोग्राम लागू करना
  • पाठ्यक्रम की सामग्री तैयार करने और वेबआधारित संगोष्ठी की तैयारी चल रही है और कार्यक्रम जल्दी ही शुरू किया जाएगा।
  • पेश किए जाने वाले कार्यक्रम
        • बौद्धिक संपदा  और ज्ञान प्रबंध परिचय (3 माह)
        • बौद्धिक संपदा  और ज्ञान प्रबंध उन्नत (6 माह) 

योग्यता :

कोई भी स्नातक जिसे तकनीकी, इंजीनियरिंग, विधि, प्रबंध, शिक्षा क्षेत्र, उद्योग और शासन का अनुभव हो और छात्रों, कामकाजी पेशेवर, अनुसंधान और विकास पेशेवर, अनुसंधानकर्ता, उद्यमी आदि।

नवीनता पोर्टल

नवीनता के इस दशक में

नवीनता के इस दशक में यह बहुत महत्त्वपूर्ण है कि एक ऐसा पोर्टल स्थापित किया जाए जो आविष्कारक, उद्योग, निर्माता और शिक्षा क्षेत्र के बीच के अंतर को पाट सके और छोटे व मध्यम आकार के उद्यमियों के लिए आवश्यक प्रौद्योगिकी से संबंधित संपूर्ण सूचना मुहैया कराए।

यह पोर्ट आविष्कारों, आविष्कारकों, मशीनों, निर्माताओं आदि के संबंध में एक ही जगह सूचना देगा और उन्हें मिलकर काम करने में सहायता देगा।

यह पोर्टल आविष्कारक, उद्योग, निर्माताओं और शिक्षा क्षेत्र के बीच की खाली जगह को पाटेगा और छोटे व मध्यम आकार के उद्यमियों के लिए आवश्यक प्रौद्योगिकी के संबंध में पूरी सूचना मुहैया कराएगा।  

पोर्टल लोगों को एक-दूसरे से जुड़ने, आईडिया, अनुभव, समस्याएं और उनके समाधान साझा करने में सहायता करेगा।

यह पोर्टल समाहित करने वाली नवीनता, स्वास्थ्य, शिक्षा, भोजन और कृषि, पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों, विज्ञान व  प्रौद्योगिकी आदि जैसे क्षेत्रों के बारे में सूचना के एक अकेले स्रोत का काम करेगा।

यह पोर्टल उद्योग को आविष्कार का उपयोग करने और आविष्कारक तथा उसके साथ देश को फलने-फूलने का मौका देगा।

यह पोर्टल नया करने वालों, प्लांट और मशीनरी निर्माताओं तथा अन्य विशेषज्ञों को एक मंच मुहैया कराएगा जहां आविष्कारक / उद्यमी भिन्न सेवाओं जैसे नवीनता, तलाश, कंटेंट अपलोड करने, खास किस्म की तलाश आदि के लिए पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं।  

यह पोर्टल नवीनताओं और नवीनताओं से संबंधित सूचनाओं का एक राष्ट्रीय सूचकांक तैयार करेगा।

प्रौद्योगिकी संवर्धन के लिए ज्ञान प्रबंध प्रणाली

प्रयोगशाला स्तर की कुछ प्रौद्योगिकीयों के व्यापारीकरण में भारी जोखिम होता है और उद्यमी आमतौर पर ऐसी प्रौद्योगिकी पर आधारित उपक्रमों को आजमाने के उत्सुक नहीं होते हैं। इस मुश्किल से निपटने के लिए कॉरपोरेशन ने ज्ञान प्रबंधन पद्धति (केएमएस) की शुरुआत की ताकि प्रौद्योगिकियों का संवर्धन, विकास और व्यापारीकरण किया जा सके। विशेषज्ञों की एक टीम द्वारा जहां तक संभव हो मूल्यवर्धन के लिए प्रौद्योगिकी की व्यवस्थित पहचान और मूल्यांकन के लिए यह खुद चलने वाली व्यवस्था है। इससे प्रौद्योगिकी के व्यापारीकरण के लिए इसका पूरा पैकेज तैयार होता है। इससे सफलता की संभावना बढ़ जाती है।

एनआरडीसी को आवंटित प्रौद्योगिकी की विपणन योग्यता का मूल्यांकन करने के लिए केएमएस के तहत निम्नलिखित तीन विशेषज्ञ पैनल बनाए गए हैं :

  • जैव प्रौद्योगिकी के लिए विशेषज्ञ पैनल
  • कृषि से संबद्ध प्रौद्योगिकी के लिए एक्सपर्ट पैनल
  • आयुर्वेद और हर्बल प्रौद्योगिकी के लिए विशेषज्ञ पैनल