बौद्धिक संपदा सहजीकरण केंद्र (इंटेलेक्चुअल प्रोपर्टी फैसिलिटेशन सेंटर)

बौद्धिक संपदा सहजीकरण केंद्र – आईपीएफसी, एनआरडीसी और एमओएमएसएमई की संयुक्त परियोजना है जिसका उद्देश्य भारत में उद्यमियों और एमएसएमई के बीच बौद्धिक संपदा अधिकारों के प्रति जागरूकता और इन्हें अपनाना बढ़ाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाली बौद्धिक संपदा सेवाएं तथा संसाधनों को पहुंच योग्य बनाना है।  

 प्रशिक्षण कार्यक्रम

आईपीएफसी बौद्धिक संपदा से संबद्ध विशेष विषयों पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करता है। आईपीएफसी इन कार्यक्रमों का डिजाइन और संयोजन दर्शकों की आवश्यकता के अनुसार करता है। भाग लेने वालों को एनआरडीसी से भागीदारी का प्रमाणपत्र मिलता है। एमएसएमई के लिए आईपीएफसी निशुल्क बौद्धिक संपदा जागरूकता वार्ता की भी व्यवस्था करता है ताकि बौद्धिक संपदा के बारे में संक्षिप्त जानकारी प्राप्त हो सके और इस मामले में संवेदनशीलता लाकर बौद्धिक संपदा की रक्षा के बारे में जागरूकता का प्रसार किया जाए।

प्रत्येक बौद्धिक संपदा के संदर्भ में सेवाएं इस प्रकार होंगी :

 पेटेंट

  • आवेदन पूर्व सेवाएं
  • पूर्व आर्ट सर्च
  • पेटेंट योग्यता का प्रारंभिक मूल्यांकन
  • अंतरिम विनिर्देशन के साथ पेटेंट दाखिल करने अथवा / और अन्य देशों में संपूर्ण विनिर्देशन परामर्श सहित पेटेंट दर्ज करनें पर पेटेंट दर्ज करने संबंधी सहायता
  • पेटेंट कार्यालय के लिए जांच रिपोर्ट और प्रश्नों के संबंध में परामर्श
  • पोस्ट ग्रांट सपोर्ट
  • अतिलंघन कार्यवाही, विरोध कार्यवाही आदि के लिए सहायता 
  • प्रौद्योगिकी हस्तांतरण करार
  • पेटेंट मूल्यांकन
  • प्रौद्योगिकी का विपणन और अनुज्ञप्तिकरण

 कॉपीराइट

  • पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज तैयार करने में दिशानिर्देशन और सहायता

ट्रेडमार्क

      • पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज तैयार करने में दिशानिर्देशन और सहायता

औद्योगिक डिजाइन

      • पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज तैयार करने में दिशानिर्देशन और सहायता

भौगोलिक संकेत

      • पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज तैयार करने में दिशानिर्देशन और सहायता

सामान्य परामर्श

      •    रचनात्मकता के लिए संभावित बौद्धिक संपदा सुरक्षा की पहचान में सहायता और मार्गदर्शन